घर से बाहर निकल कर ऐसे ऐसे दृश्य देखने को मिलें तो घर में कौन बैठे रहना चाहेगा?! 🥰

प्रकृति ने कितना कुछ बेशकीमती और बेइंतहा सुंदर हमें दिया है कि जिसे देखने के लिए हम कहां कहां भटकते रहते हैं!  जल को ही लें, कितना रिझाता है ये हमें!  कैसे कैसे रूप धारण करता है!  कभी समुद्र तो कभी जल प्रपात तो कभी नदी तो कभी सरोवर तो कभी झील! 

आपके आसपास भी कोई जल के ऐसे स्रोत हैं?  कोई सरोवर, कुंड, तालाब, नदी, झील या समुद्र?  क्या वह इतने सुंदर और आकर्षक स्वरूप में हैं कि लोग दूर दूर से उनको देखने, निहारने के लिए वहां आएं?  क्या उनका जल स्वच्छ है? या उसमें कूड़ा-करकट, गंदे नाले, सीवर आ कर गिरते हैं? 

“कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता? एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों!”

आपने सुना होगा कि मेघालय में एक गांव है जो एशिया के सबसे सुंदर और स्वच्छ गांव के रूप में इतना प्रसिद्ध हो गया है कि लोग देश विदेश से उसे देखने आने लगे हैं! 

वहीं पास में एक dawki नदी भी है जिसका पानी इतना स्वच्छ है कि उस नदी में चलने वाली नाव की छाया नदी की तलहटी में साफ दिखाई देती है! अगर कोई नदी के तट से उस नाव की फोटो ले तो नदी का पानी दिखता ही नहीं! लगता है नाव हवा में तैर रही है!

बात का निचोड़ ये है कि अगर हम अपने गांव को, कॉलोनी को सुंदर और स्वच्छ बनाने की ठान लें, न तो खुद कूड़ा फैलाएं और न ही किसी और को फैलाने दें तो आपका और आपके क्षेत्र का सम्मान बढ़ेगा!  वैसे भी यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम का जमाना है! पलक झपकते समाचार विश्व भर में पहुंच जाते हैं!  आप भी अपने इलाके की स्वच्छता के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों के समाचार सोशल मीडिया पर डालते रहिए!  फिर देखिए, कैसे आपके गांव की, शहर की प्रसिद्धि चारों ओर फैलती है!!

सोच क्या रहे हैं?  अपने पांच सात मित्रों से इस बारे में बात कीजिए और हर सुबह एक दो घंटे स्वच्छता अभियान चलाइए! 

इस दिशा में अपने प्रयासों के बारे में और अपनी उपलब्धियों के बारे में हमें भी बताना न भूलें!


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