अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर दाऊ दयाल शर्मा ने चेताया
“मानव ही नहीं, समस्त प्राणीजगत की तीन सर्वप्रमुख आवश्यकता शुद्ध प्राणवायु, शुद्ध जल और पौष्टिक भोजन की पूर्ति वनों से ही होती है! हम अपने तात्कालिक लाभ के लिए वनों का नाश करते चले जाएंगे तो जल्द ही हमें उसके दुष्परिणाम भी भोगने पड़ेंगे!”।
प्रख्यात पक्षी प्रेमी और पर्यावरणविद दाऊ दयाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जन सामान्य को मानव अस्तित्व के ऊपर मंडरा रहे खतरे के प्रति आगाह किया!
अंतराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन द्वारा,राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता कार्यक्रम के अंतर्गत, ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था!
वनों के लाभों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उन्होंने दुर्लभ वीडियो और स्लाइड के माध्यम से वनो का उपयोग, महत्त्व, आवश्यकता और सुधार के बारे में बताया कि वनों से आक्सीजन यानि शुद्ध प्राणवायु, जलवायु नियंत्रण, जैव विविधता का आवास, वर्षा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, ओषधीय संसाधन, भोजन और रोज़गार, जल चक्र नियमन,आर्थिक लाभ और आजीविका और मृदा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण लाभोँ के बारे मैं बताया!
वास्तव मैं वनों का संरक्षण जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण को सहेजने, मानव जीवन के अस्तित्व की रक्षा के लिए अनिवार्य पहल है l
साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को वृक्ष संरक्षण और वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया, तथा पौधों की पुत्रवत सेवा, स्नेह से पालने का आग्रह किया!
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के सहायक वन संरक्षक भरत लाल वर्मा ने शहरों की तुलना में गाँवो की स्वास्थ्य जीवन चर्या को अपनाने की सलाह दी. तथा केवलादेव से होने वाले लाभों के बारे मैं विस्तार से बताया और केवलादेव उद्यान को बचाने की अपील के साथ सभी पधारे हुए प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया।











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